Vijayanagara Empire विजयनगर साम्राज्य Vijayanagara Empire

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विजयनगर साम्राज्य (Vijayanagara Empire) भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और गौरवशाली अध्याय है। यह साम्राज्य दक्षिण भारत में स्थित था और इसकी राजधानी थी — हम्पी, जो आज के कर्नाटक राज्य में तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित है।

अब आइए इसका इतिहास विस्तार से जानते हैं — स्थापना से लेकर पतन तक:

🏰 विजयनगर साम्राज्य का इतिहास (1336–1646 ई.)

📌 1. पृष्ठभूमि: स्थापना की ज़रूरत क्यों पड़ी?

  • 13वीं और 14वीं शताब्दी में मध्य और दक्षिण भारत में मुस्लिम सुल्तानों के हमले तेज़ हो गए थे, विशेष रूप से दिल्ली सल्तनत के तुगलक वंश ने दक्षिण भारत में बहुत तबाही मचाई।
  • इसके परिणामस्वरूप, होयसाल, काकतीय, और यदव जैसे कई प्राचीन हिन्दू राजवंश समाप्त हो गए।
  • हिन्दू धर्म, संस्कृति और मंदिरों की रक्षा के लिए एक सशक्त हिन्दू साम्राज्य की आवश्यकता महसूस हुई।

👑 2. स्थापना: 1336 ई. में

  • विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ई. में हरिहर और बुक्का नामक दो भाइयों ने की।
  • वे पहले काकतीय राज्य के सेनापति थे, बाद में दिल्ली सल्तनत के अधीन काम करने लगे थे।
  • बाद में उन्होंने संत विद्यारण्य के मार्गदर्शन में स्वतंत्र होकर विजयनगर की नींव रखी।

👉 संस्थापक:

  • हरिहर प्रथम (Hakka या Harihara I)
  • बुक्का राय प्रथम (Bukka Raya I)
  • मार्गदर्शक: विद्यारण्य स्वामी (शृंगेरी मठ के संत)

🏰 3. राजधानी – हम्पी

  • विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी हम्पी — एक शानदार नगरी जो अपने भव्य मंदिरों, बाज़ारों, और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध थी।
  • विदेशी यात्रियों ने हम्पी की तुलना रोम और काहिरा जैसे महानगरों से की।

📈 4. विस्तार और उत्कर्ष काल

⚔️ विजय नगर के प्रसिद्ध शासक:

🔹 देव राय द्वितीय (1422–1446 ई.):

  • महान योद्धा और कुशल शासक।
  • कला, साहित्य, और युद्ध नीति में दक्ष।
  • कन्नड़, तेलुगु और संस्कृत साहित्य को संरक्षण दिया।

🔹 कृष्णदेव राय (1509–1529 ई.):

  • विजयनगर साम्राज्य का सर्वश्रेष्ठ और सबसे शक्तिशाली शासक
  • तुलुव वंश के शासक थे।
  • विदेशी यात्री डोमिंगो पायस ने उनकी प्रशंसा की और उन्हें “उदार, धर्मप्रिय और न्यायप्रिय” कहा।
  • उनकी रचना: “अमुक्तमाल्यद” (तेलुगु भाषा में)

📚 संस्कृति और कला:

  • विजयनगर साम्राज्य दक्षिण भारत की भव्य मंदिर वास्तुकला, नृत्य, संगीत और शास्त्रीय साहित्य के लिए प्रसिद्ध था।
  • हम्पी के विट्ठल मंदिर, हज़ारा राम मंदिर, और स्तंभित रथ इसके उदाहरण हैं।

⚔️ 5. मुस्लिम सुल्तानों से संघर्ष

  • विजयनगर साम्राज्य ने बहमनी सल्तनत और बाद में दक्खन के सुल्तानों से लगातार संघर्ष किया।
  • साम्राज्य ने 200 वर्षों तक मुस्लिम आक्रमणों को रोका और दक्षिण भारत में हिन्दू धर्म और संस्कृति की रक्षा की।

⚰️ 6. पतन: तालीकोटा का युद्ध (1565 ई.)

युद्ध: “रक्षा और धर्मयुद्ध” बनाम “संघर्ष और षड्यंत्र”

  • 1565 ई. में तुंगभद्रा नदी के पास “रक्‍तक्षेत्र” कहे जाने वाले स्थान पर हुआ — तालीकोटा का युद्ध
  • विजयनगर की सेना और दक्खन के पाँच मुस्लिम सुल्तानों के बीच भयंकर युद्ध हुआ।
  • विजयनगर की हार हुई और राजा अलीया रामराय की मृत्यु के बाद हम्पी नगरी को विध्वस्त कर दिया गया

🧱 7. हम्पी का विनाश

  • तालीकोटा युद्ध के बाद विजयी मुस्लिम सेनाओं ने हम्पी को लूटा, जलाया, और नष्ट कर दिया।
  • कहा जाता है कि हम्पी की भव्यता को मिट्टी में मिला दिया गया, और वह नगर जो कभी स्वर्ण नगरी था, खंडहरों में बदल गया।

📚 विदेशी यात्रियों के दृष्टिकोण

प्रसिद्ध यात्री जिन्होंने विजयनगर की यात्रा की:

यात्री का नामदेशविवरण
डोमिंगो पायसपुर्तगालकृष्णदेव राय के काल में विजयनगर का वर्णन किया
अब्दुर रज्जाकफारसहम्पी की समृद्धि से चकित
निकोलो कोन्तीइटलीउसने विजयनगर को सबसे समृद्ध शहर बताया

🎨 विजयनगर का सांस्कृतिक योगदान

  1. मंदिर वास्तुकला: उच्च स्तर की द्रविड़ शैली, नक्काशीदार स्तंभ, रथ मंदिर, विशाल गोपुरम।
  2. संगीत और नृत्य: भरतनाट्यम, कर्नाटिक संगीत का संरक्षण।
  3. भाषा: संस्कृत, कन्नड़, तेलुगु और तमिल साहित्य को संरक्षण।
  4. व्यापार: अरब, पुर्तगाल, और चीन से व्यापारिक संबंध।

विजयनगर साम्राज्य दक्षिण भारत का एक शक्तिशाली हिन्दू राज्य था जिसने न केवल राजनीतिक स्वतंत्रता को बचाया, बल्कि धर्म, संस्कृति, कला और साहित्य को भी उच्च शिखर तक पहुँचाया।

तालीकोटा युद्ध ने भले ही साम्राज्य का अंत कर दिया हो, लेकिन आज भी हम्पी के खंडहर उस गौरवशाली युग की गवाही देते हैं।

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