आइए हम विस्तार से जानें कि हम्पी (Hampi) के प्रसिद्ध मंदिर और उनका स्थापत्य (Architecture) कैसा था। हम्पी न सिर्फ विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी, बल्कि यह दक्षिण भारत की धार्मिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य कला की शिखरस्थली भी रही है।
🛕 हम्पी के प्रसिद्ध मंदिर और उनका स्थापत्य (Vijayanagar Architecture in Hampi)
📍स्थान:
हम्पी, तुंगभद्रा नदी के किनारे, वर्तमान कर्नाटक राज्य के बेल्लारी ज़िले में स्थित है।
यह यूनेस्को द्वारा “विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site)” घोषित किया गया है।
🔶 1. विट्ठल मंदिर (Vittala Temple Complex)
⭐ विशेषताएं:
- हम्पी का सबसे भव्य और प्रसिद्ध मंदिर।
- भगवान विट्ठल (विष्णु का रूप) को समर्पित।
- इसका निर्माण कृष्णदेव राय के शासनकाल में हुआ था।
🏛️ स्थापत्य विशेषताएं:
- पत्थर का रथ (Stone Chariot):
मंदिर प्रांगण में स्थित प्रसिद्ध रथ। यह भारत के तीन प्रमुख पत्थर के रथों में से एक है (बाकी कोणार्क और महाबलीपुरम में हैं)। - संगीत स्तंभ (Musical Pillars):
मंदिर के मुख्य मंडप में 56 नक्काशीदार स्तंभ हैं जो वाद्य यंत्रों की ध्वनि निकालते हैं। इन्हें “सप्तस्वर स्तंभ” भी कहते हैं। - गोपुरम और मंडप:
विस्तृत मंडप, सुंदर नक्काशी और पत्थर के आधार पर की गई वास्तुकला की मिसाल।
🔶 2. वीरभद्र मंदिर (Virupaksha Temple)
⭐ विशेषताएं:
- यह हम्पी का सबसे प्राचीन और जीवंत मंदिर है, जहाँ आज भी पूजा होती है।
- भगवान वीरभद्र (शिव का रूप) को समर्पित है।
🏛️ स्थापत्य विशेषताएं:
- विशाल गोपुरम (राजा गोपुरम) लगभग 160 फीट ऊँचा।
- 9 मंज़िलों वाला यह गोपुरम विजयनगर शैली का एक श्रेष्ठ उदाहरण है।
- अंदर एक 100 स्तंभों वाला मंडप है जिसमें अद्भुत नक्काशी है।
- मंदिर के पीछे की ओर एक “कैमरा ऑब्स्क्यूरा” जैसे तकनीक से बनी छवि उलटी दिखती है — जिसे आज भी वैज्ञानिक कौतुहल से देखा जाता है।
🔶 3. अच्युतराय मंदिर (Achyutaraya Temple)
⭐ विशेषताएं:
- यह मंदिर भगवान विष्णु के अच्युत रूप को समर्पित है।
- इसका निर्माण अच्युत राय के शासनकाल में हुआ।
🏛️ स्थापत्य विशेषताएं:
- मंदिर एक ऊँचे चबूतरे पर बना है।
- इसके सामने एक विशाल बाज़ार (Achyutaraya Bazaar) और कुंड स्थित हैं।
- चारों ओर से दीवारों से घिरा हुआ मंदिर, जिसमें उन्नत शिल्पकला दिखाई देती है।
🔶 4. हेज़ारा राम मंदिर (Hazara Rama Temple)
⭐ विशेषताएं:
- यह मंदिर रामायण की घटनाओं को समर्पित है।
- केवल राजपरिवार के उपयोग के लिए बना था।
🏛️ स्थापत्य विशेषताएं:
- मंदिर की दीवारों पर रामायण की 1000 से अधिक मूर्तिकृत कथाएँ चित्रित हैं।
- इसलिए इसे “हज़ारा राम” (हज़ार राम) कहा गया है।
- यह विजयनगर शिल्पकला का अनूठा उदाहरण है, जहाँ पूरी रामकथा दीवारों पर उकेरी गई है।
🔶 5. अंजनेय हिल और हनुमान मंदिर
- यह स्थान पम्पा सरोवर के पास स्थित है और माना जाता है कि यहीं हनुमानजी का जन्म हुआ था।
- यह मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है और वहाँ तक पहुँचने के लिए 575 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।
📐 विजयनगर स्थापत्य की प्रमुख विशेषताएँ:
| स्थापत्य विशेषता | विवरण |
|---|---|
| द्रविड़ शैली | हम्पी के सभी मंदिरों में प्राचीन द्रविड़ वास्तुकला की झलक मिलती है। |
| नक्काशीदार स्तंभ | हर मंदिर में सुंदर नक्काशी की गई स्तंभ मिलते हैं, जिनमें देवी-देवताओं, पशुओं, युद्ध और नृत्य के दृश्य हैं। |
| पत्थर के रथ | धार्मिक और स्थापत्य दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण। |
| संगीत स्तंभ | विशेष तकनीक से बनाए गए स्तंभ जो संगीत के स्वर उत्पन्न करते हैं। |
| बाजारों के साथ मंदिर | मंदिरों के पास बाज़ार और जलाशय होते थे, जो धार्मिक और आर्थिक जीवन का केंद्र थे। |
📸 हम्पी के प्रमुख स्मारक:
- पत्थर का रथ (Stone Chariot)
- हज़ारा राम मंदिर
- विट्ठल मंदिर के संगीत स्तंभ
- लक्ष्मी नरसिंह की विशाल मूर्ति
- बदाविलिंग – विशाल शिवलिंग
- हेमकुटा पहाड़ी मंदिर समूह



