भाई दूज (या भैया दूज, भ्रातृ द्वितीया, भाऊ बीज) भाई-बहन के पवित्र प्रेम और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। यह दीपावली के दो दिन बाद, कार्तिक शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है।
यह रक्षाबंधन की तरह ही भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने वाला पर्व है, लेकिन इसमें बहन भाई को तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र और सुख की कामना करती है, और भाई जीवनभर बहन की रक्षा का वचन देता है।
🕊️ भाई दूज की पौराणिक कथा
🧚♀️ यमराज और यमुनाजी की कथा:
पौराणिक मान्यता के अनुसार, यमराज (मृत्यु के देवता) की बहन यमुनाजी थीं। यमुनाजी अपने भाई से बहुत प्रेम करती थीं और चाहती थीं कि वे उनके घर आएं।
बहुत समय तक आग्रह करने के बाद, कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यमराज अपनी बहन यमुनाजी के घर पहुँचे।
बहन ने उन्हें प्रेमपूर्वक भोजन कराया, तिलक किया और दीर्घायु की कामना की। यमराज इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने कहा:
“इस दिन जो बहन अपने भाई को तिलक कर प्रेम से भोजन कराएगी, उसे मेरा आशीर्वाद प्राप्त होगा, और भाई को यम का भय नहीं रहेगा।”
तब से यह पर्व भाई दूज के रूप में मनाया जाता है।
🌟 भाई दूज का महत्व
- भाई की दीर्घायु, सफलता और आरोग्य की कामना।
- भाई का बहन की रक्षा और सम्मान का वचन।
- पारिवारिक प्रेम और एकता का प्रतीक।
🪔 भाई दूज पूजन विधि (Bhai Dooj Vidhi)
🔹 आवश्यक सामग्री:
- रोली, चावल (अक्षत), फूल
- नारियल या मिठाई
- दीपक, अगरबत्ती
- भाई के लिए उपहार या दक्षिणा
- एक थाली (पूजन हेतु)
🧡 पूजन विधि (बहन द्वारा):
- भाई को स्नान कराकर या साफ वस्त्र पहनाकर पूजा स्थान पर बैठाएं।
- थाली में तिलक सामग्री और दीपक सजाएं।
- भाई के माथे पर तिलक करें, चावल (अक्षत) लगाएं।
- आरती करें और मिठाई खिलाएं।
- भाई को नारियल/गिफ्ट दें और लंबी उम्र की कामना करें।
यदि भाई पास न हो, तो उसकी फोटो या प्रतीक को सामने रखकर भी पूजा की जा सकती है।
📿 भाई दूज पर कहे जाने वाले शुभ मंत्र:
🌸 तिलक के समय:
यमद्वितीया परं तिथ्यां स्नेहं दर्शयते शुभम्।
तस्यां तिलकदानेन यमराजो प्रसन्नतः॥
🌸 बहन द्वारा कामना:
भ्रातु: आयुर् यशो वित्तं विजयं च विवर्धताम्।
अर्थ: मेरे भाई की उम्र, यश, धन और विजय में वृद्धि हो।
🎁 भाई दूज पर विशेष परंपराएँ:
- बहनें भाई को उपहार देती हैं और अच्छे भोजन से स्वागत करती हैं।
- भाई बहनों को तोहफे और आशीर्वाद देता है।
- कुछ स्थानों पर बहन भाई को आमंत्रित कर भोज कराती हैं (भोज के साथ स्नेह भी परोसा जाता है)।
🎉 भारत के विभिन्न क्षेत्रों में भाई दूज के अन्य नाम:
| क्षेत्र | नाम |
|---|---|
| उत्तर भारत | भाई दूज / भैया दूज |
| महाराष्ट्र | भाऊ बीज |
| बंगाल | भाई फोंटा |
| नेपाल | भाई टीका |
🧵 भाई दूज और रक्षाबंधन में अंतर:
| रक्षाबंधन | भाई दूज |
|---|---|
| श्रावण मास में आता है | कार्तिक शुक्ल द्वितीया को आता है |
| बहन राखी बाँधती है | बहन तिलक करती है |
| भाई बहन को उपहार देता है | भाई बहन को आमंत्रित करता है या बहन बुलाती है |
| बहन रक्षा का वचन लेती है | भाई को यम भय से रक्षा मिलती है |
🙏 शुभकामना संदेश (Bhai Dooj Messages):
“सूरज की तरह चमकते रहो,
चाँद की तरह शीतल रहो,
हर दिन सफलताओं से भरा हो,
ऐसा ही जीवन तुम्हारा हो!
भाई दूज की ढेरों शुभकामनाएँ!”



