
एक समय की बात है, एक राजा था जिसका नाम राजा विक्रमादित्य था। वह अपनी न्यायप्रियता और साहस के लिए प्रसिद्ध था। राजा विक्रमादित्य के पास एक अद्भुत सिंहासन था, जो उसे एक दिव्य देवता ने दिया था।
एक दिन, राजा विक्रमादित्य ने अपने सिंहासन पर बैठने का निर्णय किया। जैसे ही वह सिंहासन पर बैठा, उसे एक आवाज सुनाई दी, “राजा, तुम्हें एक प्रश्न का उत्तर देना होगा। अगर तुम सही उत्तर देते हो, तो तुम्हें अपार शक्ति और ज्ञान प्राप्त होगा, लेकिन अगर तुम गलत उत्तर देते हो, तो तुम्हारी मृत्यु हो जाएगी।”
राजा विक्रमादित्य ने हंसते हुए कहा, “मैं तैयार हूं। प्रश्न पूछो।”
आवाज ने पूछा, “जीवन का सबसे बड़ा सत्य क्या है?”
राजा विक्रमादित्य ने सोचा और कहा, “जीवन का सबसे बड़ा सत्य है मृत्यु। हर जीव को एक दिन मरना है, इसलिए हमें जीवन को सही तरीके से जीना चाहिए और अच्छे काम करने चाहिए।”
आवाज ने कहा, “बिल्कुल सही। तुम्हें अपार शक्ति और ज्ञान प्राप्त होगा।”
राजा विक्रमादित्य ने अपने राज्य में वापस आकर अपने लोगों के लिए कई अच्छे काम किए और उनका जीवन सुखी बनाया। वह एक महान राजा के रूप में याद किया जाता है।
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