उराशिमा तारो एक प्रसिद्ध जापानी लोककथा है, जिसमें एक मछुआरे की कहानी बताई गई है जो एक कछुए की जान बचाता है और उसे एक सुंदर राजकुमारी के रूप में पुरस्कृत किया जाता है।
कहानी का सार
उराशिमा तारो एक गरीब मछुआरा था जो समुद्र में मछली पकड़ने जाता था। एक दिन, उसने एक कछुए को बचाया जो कुछ मछुआरों द्वारा पकड़ा गया था। कछुआ वास्तव में एक सुंदर राजकुमारी थी जो समुद्र के राजा की बेटी थी। राजकुमारी ने उराशिमा तारो को धन्यवाद देने के लिए उसे अपने पिता के महल में आमंत्रित किया।
महल में जीवन

उराशिमा तारो ने राजकुमारी के साथ महल में कई दिन बिताए। वहाँ उसने बहुत सारी सुख-सुविधाओं का आनंद लिया और राजकुमारी के साथ प्यार में पड़ गया। हालांकि, उराशिमा तारो को जल्द ही अपने घर और परिवार की याद आने लगी।
वापसी की यात्रा
राजकुमारी ने उराशिमा तारो को एक छोटा सा बॉक्स दिया और कहा कि वह इसे कभी न खोले। उसने उसे बताया कि यह बॉक्स उसकी उम्र को बनाए रखने में मदद करेगा। उराशिमा तारो ने राजकुमारी को अलविदा कहा और अपने घर वापस चला गया।
बॉक्स की सच्चाई
उराशिमा तारो ने घर वापस आने के बाद बॉक्स को खोला और देखा कि उसमें से एक सफेद धुआं निकल रहा है। अचानक, वह बूढ़ा हो गया और उसकी उम्र कई गुना बढ़ गई। उसने महसूस किया कि राजकुमारी ने उसे एक बड़ा रहस्य दिया था जिसे वह नहीं समझ पाया था।
निष्कर्ष
उराशिमा तारो की कहानी एक प्रेरणादायक कहानी है जो हमें समय और प्रेम के महत्व के बारे में सिखाती है। यह कहानी हमें यह भी सिखाती है कि कुछ रहस्य ऐसे होते हैं जिन्हें हमें नहीं समझना चाहिए और कुछ उपहार ऐसे होते हैं जिन्हें हमें नहीं खोलना चाहिए


