उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का इतिहास अत्यंत समृद्ध, प्राचीन और विविधता से भरा हुआ है। यह भारतीय सभ्यता, संस्कृति, धर्म, राजनीति और साहित्य का केंद्र रहा है। नीचे उत्तर प्रदेश के इतिहास की एक विस्तृत झलक
🏛️ प्राचीन इतिहास
- सिंधु घाटी सभ्यता और वैदिक काल:
- गंगा और यमुना नदियों के किनारे बसी सभ्यता वैदिक काल में विकसित हुई।
- आर्यों का प्रमुख क्षेत्र — ऋग्वेद की रचना इसी क्षेत्र में हुई मानी जाती है।
- महाजनपद काल (छठी शताब्दी ई.पू.):
- उत्तर प्रदेश में कई महाजनपद थे, जिनमें कोशल, वत्स, कुरु, पांचाल आदि प्रमुख थे।
- श्रावस्ती और कौशाम्बी उन दिनों के बड़े नगर थे।
- बुद्ध और महावीर का समय:
- गौतम बुद्ध ने अपना अधिकतर जीवन उत्तर प्रदेश (सारनाथ, कुशीनगर) में बिताया।
- सारनाथ में उन्होंने अपना पहला उपदेश दिया।
- कुशीनगर में उनका महापरिनिर्वाण हुआ।
🏯 मौर्य और गुप्त काल
- मौर्य साम्राज्य (322–185 ई.पू.):
- चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक ने इस क्षेत्र को अपने साम्राज्य में शामिल किया।
- अशोक ने बौद्ध धर्म का प्रचार उत्तर प्रदेश से भी किया।
- गुप्त साम्राज्य (4वीं-6वीं सदी):
- इस काल को “भारत का स्वर्ण युग” कहा जाता है।
- प्रयाग (इलाहाबाद) उस समय एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र था।
⚔️ मध्यकालीन इतिहास
- दिल्ली सल्तनत और मुगल काल:
- उत्तर भारत में मुस्लिम शासन की शुरुआत के साथ ही यह क्षेत्र महत्वपूर्ण बन गया।
- मुगल सम्राट अकबर ने फतेहपुर सीकरी को अपनी राजधानी बनाया (कुछ समय के लिए)।
- आगरा, इलाहाबाद, और लखनऊ मुग़लों के समय में प्रमुख शहर बने।
- संत परंपरा और भक्ति आंदोलन:
- कबीर, तुलसीदास, सूरदास, रहीम जैसे महान संत और कवि यहीं से हुए।
- रामचरितमानस (तुलसीदास द्वारा) का लेखन उत्तर प्रदेश में हुआ।
ब्रिटिश काल और स्वतंत्रता आंदोलन
- 1857 की क्रांति:
- मेरठ से शुरू हुई भारत की पहली स्वतंत्रता संग्राम की चिंगारी।
- रानी लक्ष्मीबाई (झांसी), बेगम हजरत महल (लखनऊ), नाना साहेब, आदि प्रमुख नेता थे।
- कानपुर, लखनऊ, झांसी, फैजाबाद मुख्य क्रांतिकारी केंद्र बने।
- ब्रिटिश शासन के अधीन:
- इस क्षेत्र को “यूनाइटेड प्रोविंस ऑफ आगरा एंड अवध” कहा गया।
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय की स्थापना हुई।
- गांधी युग:
- प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी आदि स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख केंद्र थे।
- नेहरू और मोतीलाल नेहरू का घर — आनंद भवन — प्रयागराज में स्थित है।
स्वतंत्रता के बाद का उत्तर प्रदेश
- 1950 में उत्तर प्रदेश को वर्तमान नाम मिला (पहले: यूनाइटेड प्रोविंस)।
- राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण — सबसे ज़्यादा लोकसभा सीटें (80) इसी राज्य से हैं।
- कई प्रधानमंत्री यहीं से हुए — जैसे जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, नरेंद्र मोदी (निर्वाचित), वी.पी. सिंह, चंद्रशेखर, राजीव गांधी (निर्वाचित)।
🕍 संस्कृति और विरासत
- धार्मिक स्थल: वाराणसी, अयोध्या, मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज।
- उत्सव: कुंभ मेला, राम नवमी, होली, दिवाली आदि।
- स्थापत्य: आगरा का ताजमहल, फतेहपुर सीकरी, अयोध्या का राम मंदिर।


